SPEECHES

Speech by Deepak Sharma

Cyber Forensic Expert, Web Developer
System Officer at Supreme Court of India (eCourt Project)

आज के इस सूचना प्रौद्योगिकी के युग ने दुनिया को इतना छोटा बना दिया हैं कि यहाँ पर हर बड़े से बड़ा कार्य म़ाऊस के एक क्लिक पर पूरा हो जाता हैं, आज दिन प्रतिदिन टेकनोलोजी में विस्तार हो रहे हैं और इन्टरनेट यूजर्स की संख्या में भी इजाफा हो रहा हैं, फलस्वरूप देश में साइबर क्राइम में भी बढ़ोतरी हुई हैं |

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत दूसरा ऐसा देश हैं जहाँ साइबर क्राइम सबसे अधिक हुए हैं ,इसमें वाइरस अटेक ,बोटनेट  अटेक,ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, लोटरी फ्रॉड, आईडेनटीटी  फ्रॉड, हैकिंग अटेक, और अटेक ऑन सोशियल नेट्वर्किंग साइट आदि शामिल हैं | इनमे से सर्वाधिक अकाउंट हैकिंग और बोटनेट  अटेक के मामले सामने आये हैं ,माइक्रोसॉफ्ट सिक्यूरिटी इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार जून 2010 के अंत तक भारत 200 देशों की सूची में 25 वें नंबर है जहां के कंप्यूटरों में बोटनेट अटैक देखा गया|

बोटनेट एक ऐसा नेटवर्क है जो ऑटोमैटिक काम करता है, यह एक कंप्यूटर से ओपरेट होता  है. व  दूसरे कंप्यूटरों पर हमला करता है और उसे अपने नेटवर्क का हिस्सा बना लेता है, इसमें एक ही व्यक्ति बिना यूजर्स को पता चले बिना उसके कंप्यूटर को ओपरेट कर सकता हैं | बोटनेट चलाने का मुख्य उद्देश्य है पहचान बनाना और आर्थिक लाभ. कमाना हैं, जितना बड़ा बोटनेट होगा उतनी बड़ी साइबर अपराधी की पहचान बनेगी |बोटनेट के जरिये अपराधी किसी भी कंप्यूटर से स्पैम मेल्स कर सकता हैं , माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि स्पेम मेल्स के कारण 2008-09 में दुनिया भर में 78 करोड़ डॉलर या यो कहे  करीब 35 अरब रुपये का नुकसान हुआ था |

इन बढ़ते हुए साइबर क्राइमस ने हमारे देश की स्तिथि को झकझोर दिया हैं , भारत में दिन प्रतिदिन इन्टरनेट यूजर्स की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई हैं , सन 2000  में भारत में जहाँ इन्टरनेट यूजर्स की संख्या 0.5 प्रतिशत थी वही सन 2010 में बढकर 6.9  प्रतिशत तक पहुच गई हैं ,इसी के साथ  ही साइबर क्राइम में भी बढ़ोतरी हुई हैं, जो की शुरुआत में भी बताया  हैं , एक शोध रिपोर्ट के अनुसार 2011  में सम्भावित साइबर खतरों में से तीन नए क्षैत्र जिन पर सर्वाधिक साइबर क्राइम खतरों का डर हैं ,वे निम्नानुसार हैं नेटवर्क सिस्टम ,बोटनेट, मोबाइल डिवाइस |

आज हमारे देश में सॉफ्टवेर पाइरेसी में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही हैं, एक एंटी वाईरस  सॉफ्टवेर कंपनी साईंमंटेक के अनुसार सन 2008 में तक भारतीय नेटवर्क पर अमेरिका और चीन के हेकरो ने कई हमले किए थे , भारत में इस तरह के काफी मामले सामने आये हैं , इसका सबसे बड़ा कारन ये हैं की भारतीय  यूजर्स अपने सिस्टम के प्रति संवेदनशील नहीं हैं जितना बाहरी देशो के यूजर्स हैं | ये भी हमारे देश के लिए बहुत बड़ा सवाल हैं की यहाँ इन्टरनेट का उपयोग करने वाले यूजर्स तो बहुत हैं लेकिन इन्टरनेट सिक्यूरिटी के बारे में बहुत कम लोग परिचित हैं | मैं इसका सबसे अच्छा उदाहरण देना चाहूँगा , जब अहमदाबाद और मुंबई में बोम्ब ब्लास्ट हुआ था तब आतंकवादियों ने कुछ मेल भेजे थे , और खास बात ये हैं दोनों बोम्ब ब्लास्ट में  आतंकवादियों ने मेल भेजने के लिए अनसिक्योर वाई-फाई राउटर का उपयोग किया था , ये हमारे देश की सबसे बड़ी कमजोरी हैं की यहाँ के लोग इन्टरनेट तो इस्तेमाल करना चाहते हैं लकिन उसकी सिक्यूरिटी के बारे में जागरूक नहीं हैं , फिर बेवजह ये लोग शक के घेरे में आ जाते हैं | यही नहीं आज इस  साइबर क्राइम की कतार में हेकर्स  से ए टी एम भी अछुता नहीं हैं , अमेरिका में एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने इसका प्रदर्शन करके दिखाया था कि कैसे हेकर्स  द्वारा उपयोग किये जा रहे सॉफ्टवेयर से बिना पासवर्ड जाने औटोमेंटक टेलर मशीन (ATM) की  पूरी नकदी निकली जा सकती हैं , इस तरह भारत में बढ़ते साइबर क्राइम  को देखते हुए सन 2000 में आई.टी.एक्ट लागू किया गया जिसे सूचना तकनिकी कानून 2000 के नाम से जाना जाता हैं , इस एक्ट में  सन 2008 में कुछ संशोधन  किये गया जिसे 27 अक्टुबर 2009 से लागू कर दिया गया हैं |

इस संशोधन में साइबर आतंकवाद को भी शामिल किया गया हैं , साथ ही पोर्नोग्राफी को भी अपराध मन गया हैं , इस संशोधन  के अनुसार ई-व्यापर की धोखाधाड़ी को भी दंड रूप में माना गया हैं , आज से पहले बहुत लोग गलत और अपमाजनक ई-मेल (एब्युज़िंग) भेजकर भी बच जाते थे ,लकिन अब आपका ई-मेल भी अब वैध्य  गतिविधि हैं
  आप इन्टरनेट पर किसी भी प्रकार से अपमान जनक शब्दों का प्रयोग नहीं कर सकते चाहे वो चेट के दोरान हो चाहे ई-मेल के जरिये भेजा हो , अगर रिसीवर ने आप पे केस लगा दिया तो उसकी पूरी कार्यवाही आई.टी.एक्ट के अनुसार ही होगी |

आज बड़ते हुए साइबर क्राइमपर अंकुश लगाना जरुरी हो गया हैं , साइबर क्राइम में कंप्यूटर का प्रयोग एक हथियार या यो कहे टार्गेट के रूप में किया जाता हैं | इन अपराधो के पीछे मुख्य उदधेश्य लालच, बदला और गुप्त सूचनाओ को प्राप्त करना हैं | अब हमारे देश में साइबर क्राइम के प्रति कठोर कदम नहीं उठाये गए तो आने वाले समय में हमें काफी हद तक परेशानी का सामना करना पद सकता हैं ,अतः हमारी सरकार को चाहिए कि वो साइबर क्राइम को कम करने व अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए सक्त कदम उठाये तभी साइबर क्राइम केसेज में कमी आ सकती हैं व इन्टरनेट युजर्स को भी चाहिए कि वे इन्टरनेट सिक्यूरिटी के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करे जिसके परिणामस्वरूप काफी हद तक साइबर क्राइम में कटोती संभव होगी व साइबर अपराधियों को भी जल्द से जल्द पकड़ा जा सकेगा.|





Subscribe Indian Cyber Security RSS feed


Enter your email address:



 


Facebook RSS

 

© Copyright-2010. All Rights Reserved.

This website is Accessible! We are proud to say, this website has ZERO detected "accessibility errors",
as per an accessibility evaluation conducted using WAVE, a highly reputable accessibility evaluation tool.

If you have any issue about publishing content of this site, then mail us to info@indiancybersecurity.com

Best View in CSS 3 Supportable Browsers and 1366x768 Resolution system.

Facebook